मिलिनेअर से दुनिया भर में छाए डायरेक्टर डैनी बॉयल के फैंस को इंतजार था उनकी अगली फिल्म का। ऐसे में यकीनन डैनी के लिए भी अगली फिल्म का सब्जेक्ट चुनना कम चुनौती भरा काम नहीं था। दरअसल , बॉलिवुड और हॉलिवुड स्टार्स को लेकर बनी डैनी की पिछली फिल्म ने ऑस्कर में अपने नाम का डंका तो बजवाया ही था , लीक से हटकर कुछ अलग टेस्ट की फिल्मों के शौकीनों को भी डैनी की फिल्म ने बेहद प्रभावित किया।
पिछली फिल्म में डैनी ने ए . आर . रहमान का साथ लिया तो अपनी अगली फिल्म के लिए भी उन्हें रहमान के मुकाबले दूसरा कोई और नजर नहीं आया। अब जब एक बार फिर डैनी की इस फिल्म को ऑस्कर और बाफ्टा जैसे दुनिया के प्रतिष्ठित फिल्म अवॉर्ड की कैटिगरी में जगह मिली है और रहमान को डैनी की इस फिल्म के बेहतरीन ओरिजिनल म्यूजिक और इस फिल्म के गाने ' इफ आई राइज ' के लिए ऑस्कर की दो कैटिगरी में नामांकित किया गया है तो इस फिल्म का क्रेज यकीनन पहले से कहीं ज्यादा हो चुका है।
डैनी की इस फिल्म की कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित होने के साथ - साथ दर्शकों को किसी भी मुश्किल और विपरीत हालत में भी हार न मानने का संदेश देती है। यकीनन डैनी ने अपनी इस फिल्म की स्क्रिप्ट को फाइनल करने से पहले अपनी पिछली फिल्म को दुनिया भर में मिली तारीफ और अपने फैंस की उम्मीदों को भी दिमाग में रखा। डैनी पूरी तरह से खरे उतरे और करीब डेढ़ घंटे की इस फिल्म का एक फ्रेम भी ऐसा नहीं जो सिनेमा हॉल में बैठे दर्शक को पलक झपकने का मौका देता हो।
फिल्म के टाइटल से आप कहानी का अंदाज लगा सकते हैं। आसमां छूते दो पहाड़ों के बीच फंसे फिल्म के हीरो एरन ( जेम्स फ्रेंको ) के साथ लगभग पांच दिन पल - पल मौत को और नजदीक आते देख एरन की बेबसी और एरन के कभी न हार मानने वाले जज्बे को डैनी ने इस अंदाज में पेश किया है कि मौत के मुंह में फंसे नायक के साथ दर्शक आखिर तक बंध जाता है।
आसमां छूती दो चट्टानों से निकलते एरन पर ऊपर से गोलाकार चट्टान का हिस्सा गिरता है , एरन इससे खुद को बचाने में कामयाब होता है , लेकिन उसका एक हाथ इसमें ऐसा फंसता है कि जिसे किसी भी हालात में बाहर निकाल पाना नामुमकिन है। इन चट्टानों के बीच फंसे एरन के पास पानी की एक बोतल के अलावा अपना बैग और कैमरा है , जिससे एरन अपनी इस बेबसी को कैद करना शुरू करता है।
इन पांच दिनों में एरन को पता चल जाता है कि उसके पास किसी भी तरह की मदद पहुंचने के आसार नहीं। ऐसे में एरन ऐसा कठिन फैसला लेता है जो उसे एकबार जिंदगी के करीब लाता है। फिल्म की फोटोग्राफी का जवाब नहीं , ऊंची चट्टानों के बीच एरन की बेबसी और हर पल उसकी बढ़ती बेबसी को कैमरामैन ने बेहद खूबसूरती से अपने कैमरे में किया है।
पूरी फिल्म जेम्स फ्रेंको के इर्दगिर्द है , हां , डैनी ने दर्शकों को कहानी से बांधने के लिए फ्लैशबैक सीन्स को प्रभावी ढंग से कहानी का अहम हिस्सा बनाया है। फिल्म का क्लाइमैक्स कमजोर दिल वालों को एकबारगी झकझोर सकता है।
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